Maratha Kranti Morcha protests towards SC keep order on Maratha Reservation
– फोटो : ANI (File)
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महाराष्ट्र में कोरोना संकट के दौरान जारी मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच धनगर (गड़ेरिया) समाज भी मुखर हो गया है। धनगर समाज अरसे से मांग कर रहा है कि उन्हें भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल किया जाए। मराठों के साथ ही धनगर आरक्षण आंदोलन से राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है।
सोमवार को औरंगाबाद में धनगर समाज कोर कमेटी की बैठक हुई जिसमें कहा गया कि यदि आरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो गंभीर परिणाम होंगे। धनगर समाज के नेता भारत सोन्नर ने कहा कि आरक्षण की मांग को नजरंदाज किया गया तो राज्य के मंत्रियों का घर भेंड़-बकरियों से भर दिया जाएगा। वहीं, पूर्व मंत्री व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राम शिंदे ने चेतावनी दी कि धनगर समाज की मांग नहीं मानी गई तो मंत्रियों को राज्य में दौरा नहीं करने दिया जाएगा।
दरअसल, धनगर समाज भाजपा का मजबूत वोटबैंक माना जाता है। इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस समाज को आरक्षण देने का आश्वासन दिया था। लेकिन राज्य में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में तीन दलों की महाविकास आघाड़ी सरकार सत्तारूढ़ होने के बाद उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन अब मराठा आरक्षण को देखते हुए धनगर समाज ने भी मोर्चाबंदी शुरू कर दी है।
एसटी आरक्षण से इतर आरक्षण देने का मिला था आश्वासन
बीते मार्च महीने में विधानमंडल के बजट सत्र में भी धनगर आरक्षण का मुद्दा उठा था। इसको लेकर सदन की कार्यवाही भी दो बार अवरूद्ध हुई थी। तब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आश्वासन दिया था कि एसटी आरक्षण में बिना छेड़छाड़ किए धनगर समाज को आरक्षण देने का प्रयास किया जाएगा। ठाकरे ने कहा था कि केंद्र सरकार के पास जाकर इस समस्या का हल निकाला जाएगा।
हिंसक हुआ मराठा आंदोलन
इस बीच, मराठा आंदोलन धीरे-धीरे हिंसक होने लगा है। सोमवार को सोलापुर में कई जगह बैंक के एटीएम में तोड़फोड़ की गई। मराठा क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने माढ़ा और निमगांव पाटी आदि इलाकों में जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया जिससे पूरे जिले में बंद का माहौल रहा। वहीं, पंढरपुर-पुणे राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया।
अंतरिम स्टे हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी
मराठा आंदोलन से घबराई राज्य की ठाकरे सरकार ने सोमवार को आरक्षण से अंतरिम स्टे हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण पर रोक लगाते हुए इसे बड़ी बेंच के पास भेज दिया है। ठाकरे सरकार ने मांग की है कि अंतरिम स्टे को लेकर न्यायालय पुनर्विचार करे।
सार
मराठों के साथ ही धनगर आरक्षण आंदोलन से राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है…
विस्तार
महाराष्ट्र में कोरोना संकट के दौरान जारी मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच धनगर (गड़ेरिया) समाज भी मुखर हो गया है। धनगर समाज अरसे से मांग कर रहा है कि उन्हें भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल किया जाए। मराठों के साथ ही धनगर आरक्षण आंदोलन से राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है।
सोमवार को औरंगाबाद में धनगर समाज कोर कमेटी की बैठक हुई जिसमें कहा गया कि यदि आरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो गंभीर परिणाम होंगे। धनगर समाज के नेता भारत सोन्नर ने कहा कि आरक्षण की मांग को नजरंदाज किया गया तो राज्य के मंत्रियों का घर भेंड़-बकरियों से भर दिया जाएगा। वहीं, पूर्व मंत्री व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राम शिंदे ने चेतावनी दी कि धनगर समाज की मांग नहीं मानी गई तो मंत्रियों को राज्य में दौरा नहीं करने दिया जाएगा।
दरअसल, धनगर समाज भाजपा का मजबूत वोटबैंक माना जाता है। इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस समाज को आरक्षण देने का आश्वासन दिया था। लेकिन राज्य में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में तीन दलों की महाविकास आघाड़ी सरकार सत्तारूढ़ होने के बाद उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन अब मराठा आरक्षण को देखते हुए धनगर समाज ने भी मोर्चाबंदी शुरू कर दी है।
एसटी आरक्षण से इतर आरक्षण देने का मिला था आश्वासन
बीते मार्च महीने में विधानमंडल के बजट सत्र में भी धनगर आरक्षण का मुद्दा उठा था। इसको लेकर सदन की कार्यवाही भी दो बार अवरूद्ध हुई थी। तब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आश्वासन दिया था कि एसटी आरक्षण में बिना छेड़छाड़ किए धनगर समाज को आरक्षण देने का प्रयास किया जाएगा। ठाकरे ने कहा था कि केंद्र सरकार के पास जाकर इस समस्या का हल निकाला जाएगा।
हिंसक हुआ मराठा आंदोलन
इस बीच, मराठा आंदोलन धीरे-धीरे हिंसक होने लगा है। सोमवार को सोलापुर में कई जगह बैंक के एटीएम में तोड़फोड़ की गई। मराठा क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने माढ़ा और निमगांव पाटी आदि इलाकों में जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया जिससे पूरे जिले में बंद का माहौल रहा। वहीं, पंढरपुर-पुणे राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया।
अंतरिम स्टे हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी
मराठा आंदोलन से घबराई राज्य की ठाकरे सरकार ने सोमवार को आरक्षण से अंतरिम स्टे हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण पर रोक लगाते हुए इसे बड़ी बेंच के पास भेज दिया है। ठाकरे सरकार ने मांग की है कि अंतरिम स्टे को लेकर न्यायालय पुनर्विचार करे।
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