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बीते चार साल से हाशिए पर चल रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्वमंत्री एकनाथ खडसे की सहनशीलता अब जवाब देने लगी है। चर्चा है कि वह नवरात्रि शुभारंभ के साथ यानि घटस्थापना के दिन शरद पवार की पार्टी एनसीपी में शामिल हो सकते है और एनसीपी उन्हें अपने कोटे से मंत्री भी बना सकती है। खडसे के अतिकरीबी पूर्व विधायक उदयसिंह पाडवी ने कहा है कि घटस्थापना के दिन खडसे एनसीपी में प्रवेश करेंगे और राज्य की ठाकरे सरकार में मंत्री बनेगे।



खडसे के पार्टी छोड़ने से भाजपा को बड़ा झटका लग सकता है। एकनाथ खडसे राज्य में विपक्ष के नेता और उसके बाद देवेंद्र फडणवीस की सरकार में नंबर दो के मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा साल 1995 में सूबे में पहली बार भाजपा-शिवसेना की सरकार बनने पर भी वह मनोहर जोशी मंत्रिमंडल में वित्तमंत्री रह चुके हैं।



खडसे को भाजपा में स्व. गोपीनाथ मुंडे के बाद भाजपा का बड़ा ओबीसी चेहरा माना जाता है, लेकिन पुणे भूमि घोटाला और भगोड़े डॉन दाऊद से फोन पर कथित बातचीत के मामले में उन्हें फडणवीस मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद से ही वह पार्टी में हाशिये पर हैं।



पिछले साल विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें उम्मीदवारी भी नहीं दी। भाजपा ने खडसे की जगह उनकी बेटी रोहिणी खानविलकर खडसे को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह चुनाव हार गई थीं। हाल ही में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की नई कार्यकारिणी में उन्हें जगह मिलने की उम्मीद थी लेकिन उन्हें तवज्जो नहीं मिली।



भाजपा सांसद हैं खडसे की बहू



भाजपा में लंबे समय से दरकिनार किए गए एकनाथ खड़से ने पिछले दिनों देवेंद्र फडणवीस पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि उनके समर्थकों का भाजपा छोड़ने का दबाव है। खडसे के करीबियों की मानें तो उन्हें एनसीपी के अलावा शिवसेना से भी ऑफर मिला था। फिलहाल उनकी बहू रक्षा खडसे रावेर से भाजपा की सांसद हैं। खडसे के पुत्र ने कुछ साल पहले खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद भाजपा ने रक्षा खडसे को लोकसभा की उम्मीदवारी दी। यही वजह है कि उनके लिए पार्टी छोड़ना आसान नहीं है।



भुजबल ने भी दिए संकेत



एनसीपी के वरिष्ठ नेता व खाद्य आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने भी एकनाथ खडसे के एनसीपी में शामिल होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने बुधवार को चुटकी लेते हुए कहा कि खडसे एनसीपी में शामिल नहीं होंगे, ऐसा नहीं है।



सार



एनसीपी में शामिल होकर ठाकरे सरकार में बन सकते हैं मंत्री

रावेर से भाजपा की सांसद हैं उनकी बहू रक्षा खडसे



विस्तार



बीते चार साल से हाशिए पर चल रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्वमंत्री एकनाथ खडसे की सहनशीलता अब जवाब देने लगी है। चर्चा है कि वह नवरात्रि शुभारंभ के साथ यानि घटस्थापना के दिन शरद पवार की पार्टी एनसीपी में शामिल हो सकते है और एनसीपी उन्हें अपने कोटे से मंत्री भी बना सकती है। खडसे के अतिकरीबी पूर्व विधायक उदयसिंह पाडवी ने कहा है कि घटस्थापना के दिन खडसे एनसीपी में प्रवेश करेंगे और राज्य की ठाकरे सरकार में मंत्री बनेगे।



खडसे के पार्टी छोड़ने से भाजपा को बड़ा झटका लग सकता है। एकनाथ खडसे राज्य में विपक्ष के नेता और उसके बाद देवेंद्र फडणवीस की सरकार में नंबर दो के मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा साल 1995 में सूबे में पहली बार भाजपा-शिवसेना की सरकार बनने पर भी वह मनोहर जोशी मंत्रिमंडल में वित्तमंत्री रह चुके हैं।



खडसे को भाजपा में स्व. गोपीनाथ मुंडे के बाद भाजपा का बड़ा ओबीसी चेहरा माना जाता है, लेकिन पुणे भूमि घोटाला और भगोड़े डॉन दाऊद से फोन पर कथित बातचीत के मामले में उन्हें फडणवीस मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद से ही वह पार्टी में हाशिये पर हैं।



पिछले साल विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें उम्मीदवारी भी नहीं दी। भाजपा ने खडसे की जगह उनकी बेटी रोहिणी खानविलकर खडसे को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह चुनाव हार गई थीं। हाल ही में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की नई कार्यकारिणी में उन्हें जगह मिलने की उम्मीद थी लेकिन उन्हें तवज्जो नहीं मिली।



भाजपा सांसद हैं खडसे की बहू



भाजपा में लंबे समय से दरकिनार किए गए एकनाथ खड़से ने पिछले दिनों देवेंद्र फडणवीस पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि उनके समर्थकों का भाजपा छोड़ने का दबाव है। खडसे के करीबियों की मानें तो उन्हें एनसीपी के अलावा शिवसेना से भी ऑफर मिला था। फिलहाल उनकी बहू रक्षा खडसे रावेर से भाजपा की सांसद हैं। खडसे के पुत्र ने कुछ साल पहले खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद भाजपा ने रक्षा खडसे को लोकसभा की उम्मीदवारी दी। यही वजह है कि उनके लिए पार्टी छोड़ना आसान नहीं है।



भुजबल ने भी दिए संकेत



एनसीपी के वरिष्ठ नेता व खाद्य आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने भी एकनाथ खडसे के एनसीपी में शामिल होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने बुधवार को चुटकी लेते हुए कहा कि खडसे एनसीपी में शामिल नहीं होंगे, ऐसा नहीं है।







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