पति देवेंद्र फडणवीस के साथ अम़ता फडणवीस

– फोटो : ट्विटर







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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस और शिवसेना के बीच तू-तू-मैं-मैं शुरू है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के मंदिर खोलने संबंधी पत्र को लेकर हो रही राजनीति में अमृता फडणवीस भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने गुरुवार को ठाकरे सरकार को बुलडोजर सरकार कहते हुए हमला बोला।



अमृता फडणवीस ने ट्वीट किया कि न घर है न द्वार, क्या उखाड़ेगी बुलडोजर सरकार। दरअसल, मंदिर विवाद मंगलवार को राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी की ओर से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भेजे गए पत्र से शुरू हुआ। जिसमें कोश्यारी ने कहा था कि यह बिडंबना है कि राज्य सरकार ने बार और शराब की दुकानें तो खोल दी हैं जबकि मंदिर नहीं खोले। मंदिर न खोलने के लिए आपको दैवीय आदेश हुआ है या सेकुलर हो गए हो।



इसके जवाब में मुख्यमंत्री ठाकरे ने भी जवाबी पत्र भेजकर कहा कि उन्हें राज्यपाल से हिंदुत्व के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उद्धव के इसी पत्र के बाद सूबे में मंदिर खोलने को लेकर राजनीति गरमा गई। अमृता फडणवीस ने उसी दिन हिंदुत्व के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे को आईना दिखाया था। इसके बाद शिवसेना की महिला ब्रिग्रेड ने अमृता फडणवीस को चेतावनी दी थी। उसके जवाब में अमृता ने गुरुवार को उन्हें चुनौती दी कि हमारा मुंबई में न तो घर है और न द्वार। क्या उखाड़ लेगी बुल्डोजर सरकार।



बीएमसी ने कंगना के दफ्तर पर चलाया था बुलडोजर



बीते महीने में अभिनेत्री कंगना रणौत ने शिवसेना के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाया था। इससे तिलमिलाई शिवसेना की सत्तावाली बीएमसी ने 9 सितंबर को बाद्रा में पॉलीहिल स्थित उनके ऑफिस पर बुलडोजर चलाया था। उसके बाद शिवसेना के मुखपत्र में मुख्य खबर थी कि उखाड़ दिया। इसी को लेकर अमृता ने ठाकरे सरकार को बुलडोजर सरकार के रूप में संबोधित किया है।



सार



कहा- न घर है न द्वार, क्या उखाड़ेगी बुलडोजर सरकार

राज्यपाल कोश्यारी ने कहा था, मंदिर न खोलने के लिए आपको दैवीय आदेश हुआ है या सेकुलर हो गए



विस्तार



महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस और शिवसेना के बीच तू-तू-मैं-मैं शुरू है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के मंदिर खोलने संबंधी पत्र को लेकर हो रही राजनीति में अमृता फडणवीस भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने गुरुवार को ठाकरे सरकार को बुलडोजर सरकार कहते हुए हमला बोला।



अमृता फडणवीस ने ट्वीट किया कि न घर है न द्वार, क्या उखाड़ेगी बुलडोजर सरकार। दरअसल, मंदिर विवाद मंगलवार को राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी की ओर से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भेजे गए पत्र से शुरू हुआ। जिसमें कोश्यारी ने कहा था कि यह बिडंबना है कि राज्य सरकार ने बार और शराब की दुकानें तो खोल दी हैं जबकि मंदिर नहीं खोले। मंदिर न खोलने के लिए आपको दैवीय आदेश हुआ है या सेकुलर हो गए हो।



इसके जवाब में मुख्यमंत्री ठाकरे ने भी जवाबी पत्र भेजकर कहा कि उन्हें राज्यपाल से हिंदुत्व के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उद्धव के इसी पत्र के बाद सूबे में मंदिर खोलने को लेकर राजनीति गरमा गई। अमृता फडणवीस ने उसी दिन हिंदुत्व के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे को आईना दिखाया था। इसके बाद शिवसेना की महिला ब्रिग्रेड ने अमृता फडणवीस को चेतावनी दी थी। उसके जवाब में अमृता ने गुरुवार को उन्हें चुनौती दी कि हमारा मुंबई में न तो घर है और न द्वार। क्या उखाड़ लेगी बुल्डोजर सरकार।



बीएमसी ने कंगना के दफ्तर पर चलाया था बुलडोजर



बीते महीने में अभिनेत्री कंगना रणौत ने शिवसेना के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाया था। इससे तिलमिलाई शिवसेना की सत्तावाली बीएमसी ने 9 सितंबर को बाद्रा में पॉलीहिल स्थित उनके ऑफिस पर बुलडोजर चलाया था। उसके बाद शिवसेना के मुखपत्र में मुख्य खबर थी कि उखाड़ दिया। इसी को लेकर अमृता ने ठाकरे सरकार को बुलडोजर सरकार के रूप में संबोधित किया है।







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