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कोरोना महामारी के चलते महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों के लिए चालू वित्तीय वर्ष में दीवार और टेबल कैलेंडर, डायरी, नए वर्ष और विभिन्न त्यौहारों पर शुभकामना संदेश पत्रों आदि की छपाई नहीं होगी। सरकार की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। कोरोना महामारी में सरकारी राजस्व पर पड़े बोझ के चलते सरकार ने यह फैसला किया गया है।
शासनादेश के अनुसार मंत्रालयों के प्रशासनिक विभाग, उपविभाग, क्षेत्रीय कार्यालय और सरकार द्वारा अंगीकृत उपक्रम के कार्यालयों में कैलेंडर, डायरी, नए वर्ष और त्यौहारों पर शुभकामना संदेश देने के लिए पत्रों की छपाई नहीं की जा सकेगी। सरकार ने कहा है कि डिजिटल युग में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाना आर्थिक दृष्टि से व्यावहारिक और अत्यंत परिणामकारक साबित हो सकता है।
कोविड संबंधित सामग्री के लिए 15 फीसदी खर्च की अनुमति
शासनादेश में कहा गया है कि कोविड से संबंधित सामग्री की छपाई करना अनिवार्य है। इसलिए कोविड सामग्री की छपाई पर पिछले वित्तीय वर्ष में हुए खर्च की तुलना में 15 फीसदी तक सीमित खर्च किया जा सकेगा। कोविड सामग्री की छपाई पर सभी सरकारी विभाग व उसके अधीन उपविभाग, क्षेत्रीय कार्यालय और सरकारी उपक्रमों के लिए 15 प्रतिशत तक खर्च की अनुमति होगी।
सार
शासनादेश के अनुसार मंत्रालयों के प्रशासनिक विभाग, उपविभाग, क्षेत्रीय कार्यालय और सरकार द्वारा अंगीकृत उपक्रम के कार्यालयों में कैलेंडर, डायरी, नए वर्ष और त्यौहारों पर शुभकामना संदेश देने के लिए पत्रों की छपाई नहीं की जा सकेगी…
विस्तार
कोरोना महामारी के चलते महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों के लिए चालू वित्तीय वर्ष में दीवार और टेबल कैलेंडर, डायरी, नए वर्ष और विभिन्न त्यौहारों पर शुभकामना संदेश पत्रों आदि की छपाई नहीं होगी। सरकार की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। कोरोना महामारी में सरकारी राजस्व पर पड़े बोझ के चलते सरकार ने यह फैसला किया गया है।
शासनादेश के अनुसार मंत्रालयों के प्रशासनिक विभाग, उपविभाग, क्षेत्रीय कार्यालय और सरकार द्वारा अंगीकृत उपक्रम के कार्यालयों में कैलेंडर, डायरी, नए वर्ष और त्यौहारों पर शुभकामना संदेश देने के लिए पत्रों की छपाई नहीं की जा सकेगी। सरकार ने कहा है कि डिजिटल युग में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाना आर्थिक दृष्टि से व्यावहारिक और अत्यंत परिणामकारक साबित हो सकता है।
कोविड संबंधित सामग्री के लिए 15 फीसदी खर्च की अनुमति
शासनादेश में कहा गया है कि कोविड से संबंधित सामग्री की छपाई करना अनिवार्य है। इसलिए कोविड सामग्री की छपाई पर पिछले वित्तीय वर्ष में हुए खर्च की तुलना में 15 फीसदी तक सीमित खर्च किया जा सकेगा। कोविड सामग्री की छपाई पर सभी सरकारी विभाग व उसके अधीन उपविभाग, क्षेत्रीय कार्यालय और सरकारी उपक्रमों के लिए 15 प्रतिशत तक खर्च की अनुमति होगी।
via Growth News https://growthnews.in/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%83-%e0%a4%a8%e0%a4%8f-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8/