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एशिया की प्याज मंडी नासिक के लासलगांव में पांच दिन के बाद नीलामी शुरू हो गई। केंद्र सरकार ने प्याज का स्टॉक लिमिट तय किया था, जिसके विरोध में नासिक के प्याज व्यापारियों ने प्याज की नीलामी रोक दी थी। बीते चार दिन तक किसान मंडियों में प्याज बिकने का इंतजार करते रहे, लेकिन व्यापारियों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मध्यस्थता के बाद शुक्रवार से प्याज की नीलामी शुरू हुई।
लासलगांव प्याज मंडी में शुक्रवार को 142 वाहनों के जरिए 1500 कुंतल प्याज मंडी में आई, लेकिन आवक अधिक बढ़ने से प्याज का भाव भी कम हो गए। प्याज का अधिकतम भाव 5912 रुपए प्रति कुंतल रहा, जबकि सामान्य प्याज 5100 रुपये तक बिकी। इससे किसानों को करीब 1500 रुपये प्रति कुंतल भाव कम मिला। दरअसल, देश में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने 23 अक्तूबर को जीवनावश्यक वस्तु अधिनियम की धारा three के तहत थोक व्यापारियों के लिए 25 मीट्रिक टन और फुटकर प्याज व्यापारियों के लिए 2 टन प्याज का स्टॉक लिमिट तय की थी।
स्टॉक लिमिट तय होने से मंडियों में अधिक स्टॉक रखने की पाबंदी लग गई थी, जिसके विरोध में व्यापारियों ने प्याज खरीद रोक दी थी। बुधवार को शरद पवार और गुरुवार को मुख्यमंत्री ठाकरे ने महाराष्ट्र कांदा उत्पादक संगठन और लासलगांव मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिया था।
इसके बाद शुक्रवार से नासिक जिले की सभी 15 मडियों में प्याज की नीलामी शुरू हुई। आंकड़े बताते हैं कि देश में सबसे अधिक यानि 60 फीसदी प्याज का उत्पादन नासिक में होता है। इसके अलावा विदेश भेजा जाने वाला 80 फीसदी प्याज भी यहीं से निर्यात होता है।
एशिया की प्याज मंडी नासिक के लासलगांव में पांच दिन के बाद नीलामी शुरू हो गई। केंद्र सरकार ने प्याज का स्टॉक लिमिट तय किया था, जिसके विरोध में नासिक के प्याज व्यापारियों ने प्याज की नीलामी रोक दी थी। बीते चार दिन तक किसान मंडियों में प्याज बिकने का इंतजार करते रहे, लेकिन व्यापारियों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मध्यस्थता के बाद शुक्रवार से प्याज की नीलामी शुरू हुई।
लासलगांव प्याज मंडी में शुक्रवार को 142 वाहनों के जरिए 1500 कुंतल प्याज मंडी में आई, लेकिन आवक अधिक बढ़ने से प्याज का भाव भी कम हो गए। प्याज का अधिकतम भाव 5912 रुपए प्रति कुंतल रहा, जबकि सामान्य प्याज 5100 रुपये तक बिकी। इससे किसानों को करीब 1500 रुपये प्रति कुंतल भाव कम मिला। दरअसल, देश में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने 23 अक्तूबर को जीवनावश्यक वस्तु अधिनियम की धारा three के तहत थोक व्यापारियों के लिए 25 मीट्रिक टन और फुटकर प्याज व्यापारियों के लिए 2 टन प्याज का स्टॉक लिमिट तय की थी।
स्टॉक लिमिट तय होने से मंडियों में अधिक स्टॉक रखने की पाबंदी लग गई थी, जिसके विरोध में व्यापारियों ने प्याज खरीद रोक दी थी। बुधवार को शरद पवार और गुरुवार को मुख्यमंत्री ठाकरे ने महाराष्ट्र कांदा उत्पादक संगठन और लासलगांव मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिया था।
इसके बाद शुक्रवार से नासिक जिले की सभी 15 मडियों में प्याज की नीलामी शुरू हुई। आंकड़े बताते हैं कि देश में सबसे अधिक यानि 60 फीसदी प्याज का उत्पादन नासिक में होता है। इसके अलावा विदेश भेजा जाने वाला 80 फीसदी प्याज भी यहीं से निर्यात होता है।
via Growth News https://growthnews.in/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%83-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%b5%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%b6/