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भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नवनियुक्त चेयरमैन दिनेश खारा ने बुधवार को अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए ग्राहक-कर्मचारी सुरक्षा को सबसे ज्यादा तवज्जो देने की बात कही। उन्होंने कहा, बेहतरीन कर्ज बही, कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा ही मेरी शीर्ष प्राथमिकता बने रहेंगे। खारा ने मंगलवार को रजनीश कुमार की जगह देश के सबसे बड़े बैंक के चेयरमैन का पद संभाला है।



खारा ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से कहा, मेरी पहली और सबसे अहम प्राथमिकता अपने कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा रहेगी। बेहतरीन कर्ज बही भी प्राथमिकताओं में शामिल होगी। हम देखना पसंद करेंगे कि यदि किसी को मदद की आवश्यकता है तो हम उस समय उसे बचाने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई कॉरपोरेट कंपनी कोविड-19 संबंधी परेशानी के कारण तनाव का सामना कर रही है तो बैंक उसे सहयोग करके ज्यादा खुश होगा। लेकिन यह रिजर्व बैंक की तरफ से तय किए गए दिशानिर्देशों के दायरे में ही होगा।



अगस्त में आरबीआई ने बैंकों को कोविड-19 के चलते प्रभावित हुए पर्सनल लोन व कॉरपोरेट कर्जदारों के लिए एक बार कर्ज पुनर्गठन योजना लाने की मंजूरी दी थी। खारा ने कहा, बैंक में एक बार पुनर्गठन करने के आग्रहों का निस्तारण नियंत्रण करने लायक सीमा के भीतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, जब बात कॉरपोरेट पुनर्गठन की आती है तो मेरे ख्याल से अब तक हमने ज्यादातर कॉरपोरेट कंपनियों को खुद तक आते नहीं देखा है। कुछ आए हैं, वो संख्या बहुत असामान्य नहीं है।



भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नवनियुक्त चेयरमैन दिनेश खारा ने बुधवार को अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए ग्राहक-कर्मचारी सुरक्षा को सबसे ज्यादा तवज्जो देने की बात कही। उन्होंने कहा, बेहतरीन कर्ज बही, कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा ही मेरी शीर्ष प्राथमिकता बने रहेंगे। खारा ने मंगलवार को रजनीश कुमार की जगह देश के सबसे बड़े बैंक के चेयरमैन का पद संभाला है।



खारा ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से कहा, मेरी पहली और सबसे अहम प्राथमिकता अपने कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा रहेगी। बेहतरीन कर्ज बही भी प्राथमिकताओं में शामिल होगी। हम देखना पसंद करेंगे कि यदि किसी को मदद की आवश्यकता है तो हम उस समय उसे बचाने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई कॉरपोरेट कंपनी कोविड-19 संबंधी परेशानी के कारण तनाव का सामना कर रही है तो बैंक उसे सहयोग करके ज्यादा खुश होगा। लेकिन यह रिजर्व बैंक की तरफ से तय किए गए दिशानिर्देशों के दायरे में ही होगा।



अगस्त में आरबीआई ने बैंकों को कोविड-19 के चलते प्रभावित हुए पर्सनल लोन व कॉरपोरेट कर्जदारों के लिए एक बार कर्ज पुनर्गठन योजना लाने की मंजूरी दी थी। खारा ने कहा, बैंक में एक बार पुनर्गठन करने के आग्रहों का निस्तारण नियंत्रण करने लायक सीमा के भीतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, जब बात कॉरपोरेट पुनर्गठन की आती है तो मेरे ख्याल से अब तक हमने ज्यादातर कॉरपोरेट कंपनियों को खुद तक आते नहीं देखा है। कुछ आए हैं, वो संख्या बहुत असामान्य नहीं है।







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