न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई



Up to date Fri, 30 Oct 2020 02:59 AM IST







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मुंबई की एक अदालत ने फर्जी टीआरपी मामले में गिरफ्तार किए गए फक्त मराठी चैनल के मालिक शिरीष पट्टनशेट्टी को बृहस्पतिवार को जमानत दे दी। मुंबई के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीआर सित्रे ने पट्टनशेट्टी को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी है।



पट्टनशेट्टी के वकील अनिकेत निकम ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल ने टीआरपी से किसी तरह की हेराफेरी नहीं की और ना ही फक्त मराठी चैनल की टीआरपी बढ़ी। उन्होंने कहा कि संबंधित अवधि के दौरान चैनल के राजस्व में भी बढ़ोतरी नहीं हुई।



उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल को ‘प्रतिशोध’ की कार्रवाई में फंसाया गया। निकम ने कहा कि पट्टनशेट्टी से हिरासत में पूछताछ से कुछ हासिल नहीं हुआ और आगे भी उन्हें हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होने वाला। मालूम हो कि पट्टनशेट्टी को पिछले दिनों गिरफ्तार किया गया था।



यह है मामला



ब्रॉडकास्ट आडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने हंसा रिसर्च ग्रुप के जरिए मुंबई पुलिस से शिकायत कर आरोप लगाया था कि कुछ चैनल विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करने के लिए टीआरपी के साथ हेराफेरी कर रहे हैं। आरोप लगाया गया कि जिन लोगों के यहां दर्शक संख्या का आंकड़ा जुटाने के लिए मीटर लगे हुए हैं उन्हें संबंधित चैनल देखने के लिए पैसे दिए गए। इस मामले में फक्त मराठी, बॉक्स सिनेमा और रिपब्लिक टीवी का नाम सामने आया था। फर्जी टीआरपी के मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।



मुंबई की एक अदालत ने फर्जी टीआरपी मामले में गिरफ्तार किए गए फक्त मराठी चैनल के मालिक शिरीष पट्टनशेट्टी को बृहस्पतिवार को जमानत दे दी। मुंबई के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीआर सित्रे ने पट्टनशेट्टी को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी है।



पट्टनशेट्टी के वकील अनिकेत निकम ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल ने टीआरपी से किसी तरह की हेराफेरी नहीं की और ना ही फक्त मराठी चैनल की टीआरपी बढ़ी। उन्होंने कहा कि संबंधित अवधि के दौरान चैनल के राजस्व में भी बढ़ोतरी नहीं हुई।



उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल को ‘प्रतिशोध’ की कार्रवाई में फंसाया गया। निकम ने कहा कि पट्टनशेट्टी से हिरासत में पूछताछ से कुछ हासिल नहीं हुआ और आगे भी उन्हें हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होने वाला। मालूम हो कि पट्टनशेट्टी को पिछले दिनों गिरफ्तार किया गया था।



यह है मामला

ब्रॉडकास्ट आडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने हंसा रिसर्च ग्रुप के जरिए मुंबई पुलिस से शिकायत कर आरोप लगाया था कि कुछ चैनल विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करने के लिए टीआरपी के साथ हेराफेरी कर रहे हैं। आरोप लगाया गया कि जिन लोगों के यहां दर्शक संख्या का आंकड़ा जुटाने के लिए मीटर लगे हुए हैं उन्हें संबंधित चैनल देखने के लिए पैसे दिए गए। इस मामले में फक्त मराठी, बॉक्स सिनेमा और रिपब्लिक टीवी का नाम सामने आया था। फर्जी टीआरपी के मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।







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